बघेली फगुआ | होरी खेलय रघुवीरा जनकपुर लिरिक्स | बघेली लोकगीत

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होली पर गाई जाने वाली फगुआ गीत (बघेली फगुआ) जिसका नाम है होरी खेलय रघुवीरा जनकपुर यहाँ पर उसका लिरिक्स हिंदी में पढ़ें. इस फगुआ गीत को गांव में लोग ढोलक मजीरा बजाते हुए गाते हैं।

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होली फगुआ – होरी खेलय रघुवीरा जनकपुर लिरिक्स, बघेली फगुआ

होली फगुआ – होरी खेलय रघुवीरा जनकपुर लिरिक्स, बघेली फगुआ

होरी खेलय रघुवीरा जनक पुर, होरी खेलय रघुवीरा,
अरे होरी खेलय रघुवीरा जनक पुर, हा होली खेलय रघुवीरा जनकपुर,
होली खेलय रघुवीरा……
हाँ केकरे हाथे कनक पिचकारी, कनक पिचकारी, कनक पिचकारी
अरे हाँ केकरे हाथे अबीरा जनकपुर होरी खेलय रघुवीरा…
अरे हाँ केकरे हाथे अबीरा जनकपुर होरी खेलय रघुवीरा…
अरे होली खेलय रघुवीरा……

हाँ राम के हाथे कनक पिचकारी – हाँ राम के हाथे कनक पिचकारी,
हाँ लखन के हाथे अबीरा, जनकपुर होरी खेलय रघुवीरा जककपुर…..
अरे होरी खेलय रघुवीरा जनक पुर, हा होली खेलय रघुवीरा जनकपुर,
होली खेलय रघुवीरा……
हाँ लखन हृदय लालसाविषेखी, होली खेलय रघुवीरा….
हाँ जाई जनकपुर आई अउ देखी होरी खेलय रघुवीरा,
ए होरी खेलय रघुवीरा…

हाँ प्रभु भये बहुरि मन सकुचाहि, होरी खेलय रघुवीरा…
ए होरी खेलय रघुवीरा
हाँ…. प्रकट नचहि मन मुस्काही होरी खेलय रघुवीरा जनकपुर,
हाँ…. राम अनुज मन की गति जानी – हाँ…. राम अनुज मन की गति जानी
हाँ.. भगत बा छलकाही अहुरसान
हाँ राम के हाथे कनक पिचकारी, कनक पिचकारी – कनक पिचकारी
लखन के हाथे अबीरा जनकपुर होरी खेलय रघुवीरा…
हाँ प्रभु भये बहुरि मन सकुचाहि, होरी खेलय रघुवीरा…
ए होरी खेलय रघुवीरा

अरे हाँ बोलेहु गुरु अनुशासन पाई, होली खेलय रघुवीरा.. जनकपुर मा
हाँ नाथ लखनपुर देखन चाहई, प्रभु सकोच डर प्रगट न कहई
हाँ उड़त गुलाल अबीरा होरी खेलत रघुवीरा, होरी खेलय रघुवीरा..
हाँ जो रघुवर पामै होरी खेलैं रघुवीरा, होरी खेलय रघुवीरा
हाँ नगर देखाई सूरत लईआओ होरी खेलय रघुवीरा
सुन मुनीष कहा वचन सा प्रीती, वसन राम तुम राखौ माती
राम के हाथे कनक पिचकारी
हाँ लखन के हाथे अवीरा, होरी खेलय रघुवीरा… जनकपुर

हाँ धरम सेतु पालक तुम काचा होरी खेलय रघुवीरा
प्रेम विवस से बगसुख दाता, होरी खेलय रघुवीरा
हाँ राम के हाथे कनक पिचकारी, कनक पिचकारी – कनक पिचकारी
लखन के हाथे अबीरा जनकपुर होरी खेलय रघुवीरा…
हाँ लोगलुगाई हिलमिल आबय, हाँ लोगलुगाई हिलमिल आबय,
भई महलन में भीरा अवध में

अरे उड़त गुलाल अबीरा होरी खेलत रघुवीरा, होरी खेलय रघुवीरा
होरी खेलय रघुवीरा जनक पुर, होरी खेलय रघुवीरा….

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