बघेली लोकगीत सोहर | ऐ फैसनदार झवला दे दो मेरे लाल को

बघेली-लोकगीत

बघेली लोकगीत सोहर | 1. ऐ फैसनदार झवला दे दो मेरे लाल को,
2. गंगा तीरे एक टिकुरी त टिकुरी म तिरया एक खड़ी हो

बघेली लोकगीत | Bagheli Lokgeet

बघेली-लोकगीत

गॉव, घर व नगर के लोगों के कुछ अपने गीत होते हैं जिसे लोकगीत कहते हैं। और हमारे बघेलखण्ड में बघेली लोकगीत गाए जाते है। लोकगीत गाने के लिए ज्यादा प्रयास या अभ्यास की भी जरूरत नही होती है। हमारे यहाँ लोकगीत त्योहारों और विषेष अवसरों पर गाए जाते हैं। इनकी रचना करने वाले अधिकतर गॉव के लोग ही होते हैं।

बघेली लोकगीत कजरी | हरी रामा छाई घटा घनघोर बदरिया कारी रे हारी

बघेली-लोकगीत

बघेली लोकगीत कजरी सावन गीत जिसका बोल है हरी रामा छाई घटा घनघोर बदरिया हमारे बघेलण्ड की सबसे लोकप्रिय कजरी गीत है। जिसे सुनने के बाद तन-मन मस्ती से झूम उठता है।

मुंडन के गीत | बच्चे के मुंडन के गीत | mundan geet in hindi

बघेली-लोकगीत

कहमा लगायों बेलिया त कहमा चमेलिया
ता कहमा चमेलिया हो अब कहमा उपजी झलरिया झलरिया बड़ी सुंदर

मुंडन के गीत | बच्चे के मुंडन के गीत | mundan geet in hindi

बघेली सुहाग गीत राजा के सोहा गवा | Bagheli Lokgeet

अरे गोरा बदन मुख चुअइ रे पसीनमा
बघेली सुहाग गीत राजा के सोहा गवा | raja ke sohagwa geet

नमस्कार! बघेली हिन्दी | बघेली बोली मध्य प्रदेश के किन क्षेत्रों में बोली जाती है

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